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Book Detail

Kisne Kaha Mann Chanchal Hai ASS (किसने कहा मन चंचल है ?)

Author: Acharya Mahapragya
Category: Yog Darshan
Released: 0
Language: Hindi
Pages: 322
150 (Inclusive all of Taxes)
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मन चंचल नहीं है। उसको चंचल कहना एक अनुश्रुति मात्र है। हम गहरे में उतरकर देखें तो ज्ञात होगा कि चंचलता मन की नहीं है। सारी चंचलता है ध्वनि की, शब्द की और भाषा की। चित्त की वास्तविकता को जाने बिना मन की वास्तविकता जानी नहीं जा सकती। हम अपने चित्त की परिक्रमा कैसे कर सकते हैं ? तथा अपने मन को कैसे समझ सकते हैं को जानने के लिए जानने के लिए पढ़े आचार्यश्री महाप्रज्ञ की महत्वपूर्ण कृति किसने कहा मन चंचल है ?
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