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Book Detail

Author: Acharya Mahapragya
Category: Preksha Sahitya
Released: 2009
Language: Hindi
Pages: 104
Qty:
 
80
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प्रेक्षाध्यान अध्यात्म की दिशा में गति देने वाला प्रयोग है। यह प्रयोग की श्रृंखला के द्वारा प्रमाणित हो चुका है। अतः इसके लिए किसी साक्ष्य की अपेक्षा नहीं है। अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि उसे सम्यक् प्रकार से समझा जाए। इस पुस्तक में ऐसे दस प्रवचनों को समाहित किया गया है जो प्रेक्षाध्यान के हृदय का स्पर्श करने के लिए पर्याप्त है। प्रथम अध्याय में बताया गया है कि प्रेक्षाध्यान का अर्थ है- इन्द्रिय चेतना का सम्यक् नियोजन। हम लोग इन्द्रिय चेतना के स्तर पर ज्यादा जीते हैं। प्रेक्षाध्यान का तात्पर्य यही है कि हम चेतना के इस रूप का उद्घाटन करें केवल देख सकें। सामान्यतया मनुष्य ज्ञानात्मक चेतना का प्रयोग जानने के लिए नहीं करता है।
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