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Book Detail

Mahapragya Vaangmay-016 (Jain Dharm Mein Ratnatrayi) (महाप्रज्ञ वांग्मय-016 (जैन धर्म में रत्नत्रयी))

Author: Acharya Mahapragya
Category: Mahapragya Vangmay
Released: 2019
Language: Hindi
Pages: 308
350 (Inclusive all of Taxes)
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आचार्य महाप्रज्ञ एक महान दर्शनशास्त्री थे। यह पुस्तक अनेकान्तवाद की अवधारणा को जैन दर्शन के संदर्भ में प्रस्तुत करती है। उक्त पुस्तक जैन विद्वानों एवं दर्शनशास्त्रियों हेतु अति उपयोगी है।
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