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Book Detail

Mahapragya Vangmay Bhag 54 (Avchetan Man Se Sampark) (महाप्रज्ञ वांग्मय भाग- 54 (अवचेतन मन से संपर्क))

Author: Acharya Mahapragya
Category: Mahapragya Vangmay
Released: 2019
Language: Hindi
Pages: 260
350 (Inclusive all of Taxes)
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अवचेतन मन से संपर्क मन स्वयं चेतन नहीं है, बल्कि यह तो चेतन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। मन का कार्य प्रतयक्ष है। मन और मस्तिष्क के बीच विभाजन की रेखा स्पष्ट है। उन्हें समझे बिना जीवन की व्याख्या नहीं की जा सकती है। इसी प्रकार व्यवहार और रिश्तों की व्याख्या नहीं की सकती।
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