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Book Detail

Prakrtivihaar (प्रकृतिविहारः)

Author:
Category: Sanskrit Sahitya
Released: 2010
Language: Prakrit
Pages: 288
200 (Inclusive all of Taxes)
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महाप्रज्ञसंस्कृत वांग्मय का यह प्रथम विभाग प्रकृतिविहार बहुविध रचनाओं का समाकलन ग्रंथ है। इस महाग्रंथ में कुल 319 विषयों का प्रतिपादन हुआ है और कुल 831 श्लोकों की रचना हुई है। शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों हेतु यह ग्रंथ अत्यंत उपयोगी है।
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