Sambodhi App Sambodhi App         +91-8742004849     books@jvbharati.org

Book Detail

Mahapragya Vangmay Bhag 103 (Prasthan Veetragata Ki Aur) (महाप्रज्ञ वांग्मय भाग - 103 (प्रस्थान वीतरागता की ओर))

Author: Acharya Mahapragya
Category: Mahapragya Vangmay
Released: 2019
Language: Hindi
Pages: 0
Qty:


Out Of Stock
350 (Inclusive all of Taxes)
प्रस्थान वीतरागता की ओर धर्म का अर्थ अलगाव यानि राग और द्वेष तथा नेतृत्व से परे। ऐसा अलगाव युक्त जीवन सुखी जीवन है। आचार्यश्री महाप्रज्ञ ने इस पुस्तक में समझाया है कि कैसे अपने आप को वीतरागता की ओर ले जाया जा सकता है।
Customer Reviews