Sambodhi App Sambodhi App         +91-8742004849     books@jvbharati.org

Jain Vishva Bharati Online Book Store

Book Detail

Mahapragya Vaangmay-027 (Bhed Mein Chhipa Abhed) (महाप्रज्ञ वांग्मय-027 (भेद में छिपा अभेद))

Author:
Category: Mahapragya Vangmay
Released: 2019
Language: Hindi
Pages: 240
350 (Inclusive all of Taxes)
Qty:


Want Help to Place Order?
  Call Back
Out Of Stock


आदमी जानता है और उसमें कर्म करने का सामथ्र्य है तो अहंकार के लिए खुला निमंत्रण मिल जाता है। व्यक्ति जानने की शक्ति और कर्म करने की शक्ति- दोनों से संपन्न हो और अहंकारी ना हो तो बात हो सकती है। जीवन में अहंकार आता है, जीवन टूटना शूरू हो जाता है। अहंकार से बचने का उपाय है भक्ति योग। समर्पण, विश्वास और श्रद्धा का भाव प्रबल होता है तो अहंकार को पनपने का अवसर नहीं मिलता।
Customer Reviews