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Book Detail

Mahapragya Vaangmay-060 (Tab Hota Hai Dhyaan Ka Janm) (महाप्रज्ञ वांग्मय-060 (तब होता है ध्यान का जन्म))

Author:
Category: Mahapragya Vangmay
Released: 2019
Language: Hindi
Pages: 0
350 (Inclusive all of Taxes)
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ध्यान अथवा साधना के अवतरण में कुछ सीमाओं का भी निर्देश दिया गया है। ध्यान की उत्पति एक पारवर्ती मानव में नहीं होती है। जब मन और इन्द्रियों को नियंत्रित किया जाता है तब ध्यान की अवस्था उत्पन्न होती है। यह पुस्तक ध्यान साधकों हेतु अति उपयोगी है।
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