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Book Detail

Jo Sehta Hai Vahi Rehta Hai (जो सहता है वही रहता है)

Author: Acharya Mahapragya
Category: Pravachan Sahitya
Released: 2010
Language: Hindi
Pages: 192
180 (Inclusive all of Taxes)
Qty:


आचार्य श्री महाप्रज्ञ के प्रवचनों में से संकलित जीवन की दिशा को बदलने वाले सूत्रों को जैन विश्व भारती ने इस पुस्तक में सजाया है। जो सहनशील है वह मृदु, कार्यकुशल व व्यवहारिक होता है। अपने जीवन में सहनशीलता के गुणों को कैसे उत्पन्न किया जा सकता है, को जानने के लिए पढें जो सहता है वही रहता है।
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